#Kavita by Dr. Ramesh Kataria Paras

मेरे पिता

 

नीति की पतली पगडंडी पर

 

चले और हमको भी चलना

 

सिखाया घुप्प अँधेरे में जलाया अनुशासन का दिया

 

मार्गदर्शन करने हेतु रोशनी का एक पुंज बनकर राह दिखाई

 

ताकि हम चुन सके सही राह और पा सके अपनी मंज़िल

 

को और आप कर सके मुझ पर गर्व हे पिता हमें आपका

 

आशीष हर दम मिलता रहे और हम चलते रहे आपके दिखाए रास्ते पर

 

डॉ रमेश कटारिया पारस 30गँगा विहार महलगाव ग्वालियर 474002  – 9329478477

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