#Kavita by Dr Sarla Singh

भय

 

भय नहीं कोई मुझे

जब साथ में शिवशक्ति है।

आत्मा में है सत्यता

और कर्म में निष्कलुषता है ।

परमार्थ हित तत्पर सदा ,

और निःस्वार्थ सारे कर्म हैं ।

भय नहीं कोई मुझे

जब साथ में शिवशक्ति है ।

छलकपट का कूड़ाकर्कट ,

दिया फेंक खुद से दूर है ।

प्रभु को अर्पित कर दिया,

अब नहीं कोई भय मुझे है।

 

डॉ.सरला सिंह ‘सरल

 

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