#Kavita by Dr Sarla Singh

” ईद’
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आओ ईद मनायें ,
हम सब संग- संग ।
गायें खुशियों के गीत ,
मधुर- मधुर ,सुन्दर-सुन्दर ।
सिंवई की मिठास भरें,
हर इक जन-मन में ।
भाई -भाई बनकर हम,
ईद मनायें ,मिल जायें ।
राम और रहमान एक हैं,
संग ही हम भी हों एक ।
इक सच्चे इंसान बनें,
मिलकर खुशी मनायें हम ।
जीवन जो हम सब को मिला ,
जग की सर्वोत्तम निधि है।
इसके रक्षक बन जायें हम,
उत्तम कर दिखलायें हम ।
नर-नारी दो कृतियां हैं ,
प्रभु की सुन्दरतम् रचना ।
दोनों को समान बनायें हम,
जग को ही स्वर्ग बनायें हम।
आओ ईद मनायें हम सब संग संग …..।
ना कोई बच्चा भूखा सोये ,
ना बेछत कोई सोये जग में ।
कुछ ऐसा उपाय कर जायें हम,
सबको समान बनायें हम ।
हर बेटी में देखे अपनी बेटी,
अपनी नजर ऐसी बनाये़ं हम।
हर एक नजर जगत हो पवित्र,
धरती पावन ऐसी हो जाये ।
खाली आये हैं जग में हम,
खाली ही जाना जग से है ।
ना दौलत के पीछे भागें हम,
ना जिन्दा ही मर जायें हम ।
आओ ईद मनायें हम सब संग- संग…….।

डॉ. सरला सिंह ।

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