# Kavita by Dr Sarla Singh

गणपतिवन्दन

हे गणपति गणनायक जय हो,
लम्बोदरं हे जगनायक जय हो ।
सर्वप्रथम पूजित जग में प्रभुजी,
शंकरसुत माता के प्रिय जय हो।
मूषकवाहन पर चलनेवाले स्वामी,
द्रुतगतिशाली गणेश की जय हो।
पार्वतीतनय प्रिय सारे सुर नर के ,
गजवदन विनायक तेरी जय हो ।
संसार को बुद्धिप्रदाता स्वामी तुम,
शिवके प्रिय एकदन्त की जय हो।
करते पूजा सब मन से गणेश की,
प्रथमपूज्य प्रभु तेरी सदाही जयहो।।

डॉ.सरला सिंह

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