#Kavita by Dr Sarla Singh

कहानी

 

जीवन भी तो इक कहानी है,

कोई राजा तो कोई रानी है ।

कहीं दरियाये खुशी है बहती,

किसी के आँख से पानी है ।

गमों की कश्ती है किसी की,

किसी पे खुदाई मेहरबानी है।

कोई सोने की प्लेट में खाता,

किसी पे ना खाना पानी  है।

संघर्षों में लिपटे हैं रात दिन ,

कहीं खुशियों की रवानी है ।

कहीं आँसू तो कही खुशियाँ,

दुनिया भी तो इक कहानी है।

कहीं रावण से हैं राक्षस रहते,

कोई राम सरीखे बलिदानी हैं।

कोई देती हैं मात ताड़का को,

कोई सीता सी परम ज्ञानी हैं।

सुखों के मलयपवन बहें कहीं,

कहीं तूफानों की मेहरबानी है।

किसी से रूठी रहतीं खुशियाँ,

किसी पे उसकी निगहबानी है।

कहीं दिलों में प्यार की खुशबू,

कहीं बसती नफरते शैतानी है।

काँटों से भरी तो कहीं गुलशन,

दुनिया भी तो इक कहानी  है ।

कहीं सागर की लहराती लहरें,

कहीं पर धरा ही रेगिस्तानी है।

कहीं फूलों के रसगंधों से युक्त,

कहीं कंटकाकीर्णपथ वीरानी है।

 

डॉ.सरला सिंह

 

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