#Kavita by Dr. Sulaxna Ahlawat

आज जिधर देखो उधर दहशत का माहौल है,

कोई हकीकत तो कोई समझ रहा मखौल है।

 

समझ नहीं पा रहे हैं लोग, क्या है ये माजरा,

चोटी कटने के पीछे कुछ ना कुछ तो झोल है।

 

कोई कहता चोटी का कटना कोरी अफवाह है,

कोई इस बात के सच होने का पीट रहा ढ़ोल है।

 

अखबारों की सुर्खियों में भी यही मुद्दा छाया है,

जादू टोन टोटके का भय कर रहा बिस्तर गोल है।

 

चोटी के कटकर गिरते ही वो हो जाती बेहोश हैं,

बस एक यही बात दिमाग में रही शक घोल है।

 

कई जगह खुद ढोंग किया कुछ महिलाओं ने,

पुलिस महकमा खोल रहा जांच में ये पोल है।

 

अंधविश्वास को ना दो बढ़ावा, यही विनती है,

अराजक तत्वों का अफवाह फैलाने में रोल है।

 

मत दो ध्यान अफवाहों पर अपने में मस्त रहो,

मत भूलो सुलक्षणा ये जिंदगी बड़ी अनमोल है।

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