#Kavita by Dr Sulaxna Ahlawat

एक प्रश्न ऐसा है जिसका जवाब नहीं मिला,

पाकिस्तान से दुश्मनी का हिसाब नहीं मिला।

 

बॉलीवुड वाले बुलाकर उन्हें रोजगार देते हैं,

फिर भी उन्हें देशद्रोही का खिताब नहीं मिला।

 

खाते हैं हमारे राजनेता उनकी दावतें अक्सर,

जैसे उन्हें खाने को शाही कबाब नहीं मिला।

 

खिलाड़ी भी खेलते हैं उनके संग प्रतियोगिताएं,

जैसे उन्हें कोई प्रतिद्वंद्वी उससे नायाब नहीं मिला।

 

लड़कियां भी उस मुल्क वालों को शौहर चुनती हैं,

उन्हें यहाँ शादी लायक कोई नवाब नहीं मिला।

 

इलाज करवाने भी वो आते हैं मेरे मुल्क में ही,

फिर भी उनका हमें कभी आदाब नहीं मिला।

 

बस दुश्मनी है तो हमारे फौजियों की है उनसे,

उनके सिवा दुश्मनी का मुझे शैलाब नहीं मिला।

 

क्यों शहीद करवाते हो फौजियों को सीमा पर,

जो दे जवाब इसका ऐसा कोई जनाब नहीं मिला।

 

उस आंतकवादी पाकिस्तान पर “सुलक्षणा” को,

भारतीय फौजियों के अलावा रुआब नहीं मिला।

डॉ सुलक्षणा

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