#Kavita by Garima Singh

बन जाती मैं भी मीरा जो तुम होते मेरे शाम सांवरे

पी लेती श्याम प्याला जो तुम होते मेरे शाम सांवरे!!

कलयुग में इतना ही कर लूं भज लूं तेरा नाम सांवरे

कहीं नहीं तो अधरों पर ही रख लूं तेरा नाम सांवरे!!

दर्शन नहीं मगर तुम दोगे ये  मैं जानू मेरे शाम सांवरे

तुम भी तो कलयुगी हुवे हो लाख भजूँ मैं नाम सांवरे!!

मैं गरिमा जीवन में कर लूं इतना ही बस काम सांवरे

तुम्हरी तुम ही जानो प्रभु जी मैं जानूं तेरा नाम सांवरे!!

 

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