#Kavita by Gaurav Gupta

फेयरवेल पार्टी

शूट से सीधा,आज साड़ी में आना,
माज़रा क्या है,ज़रा हमें भी बतलाना,

आँखों के इशारे से, हमको बुलाना,
बहाने से हमकों,क्यों झुमकें दिखाना,

पन्नो में कितने दिल-ए-बात समांयीं,
प्रेम की आज ये किताब है बनायीं,

हाय….कॉलेज में उनका,वो जुल्फ़े उड़ाना,
लाज़मी है…जवां दिलों का लूट जाना,

होंठो को पहना कें,मोतियों की माला,
ज़ुल्फो से आस्तीन का,मेल है निराला,

आँचल की लहरों को,क्लिप से संभाला,
नटखट से बिंदी को, चुम्बक बना डाला,

गौरव गुप्ता
महेश नगर, लालगंज रायबरेली।
7754828698

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