#Kavita by Gaurav Gupta

मेरे आँसू…
रत्ती-सा ही तो रोया,
था दिल मेरा,

इतना भी क्यों प्यारा,
है तुझें दिल मेरा …..

दूर जाना क्या,
कोई गम है भला,

वापस आने का इंतज़ार ,
नही होता न तुझसें…..

रुक भी जाओ न,
न निकलों मेरे अधरों से..

जल्द लौटूँगा तेरे शहर को,
तू बस खुद को संभाले रहना,

उन बाज़ारों की रौनक़ पहुँचाएगी,
मेरे आने की ख़बर तुझ तक…

जो ढूढ़ती रहेंगी निगाहें तब तक,
पुकाती रहेंगी तेरा जवाब आने तक…

आवाज का भारीपन समझता है,
आँसू छुपनें की जरूरत न है….तुझें

अब मानो भी बात मेरी,
अब रुक जाओ…..ऐ !! मेरे आँसू

तेरे चाहियें की ज़िद को पूरी करूँगा…
बस तू आंसू रोक लो अभी मेरे दिल।

गौरव गुप्ता
महेश नगर,लालगंज रायबरेली,
7754828698

Leave a Reply

Your email address will not be published.