#Kavita By Gaurav Gupta

बातें ऑनलाइन★★

बड़ी खूबसूरत लगती है,
ये रातें आज कल,
अब देर तलक होती है,
उनसें बातें आज कल,

झपकियों में होती है,
मुलाकातें आज कल,
रातें बातों से सनती है,
आँखें सोई न आज कल,

दिन में पूरी होती है,
कमबख्त नींदें आज कल,
दिन खुशियों से भरा है,
उनकीं मेहरबानी आज कल,

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प्यार के किस्से

नज़र भर कर उनकों,
आज देख लेनें दो,
मुद्दतों बाद उनसें,
आज नज़रें मिला लूँ

मिलों जो एक बार,
यूँ बाहों में भर लूँ,
कस कर बाहों में,
तुझें खुद में समा लूँ,

ज़ुल्फों के बादल में,
दो पल मुझें रख लो,
इन तपतें दिनों से,
बदलीं में भर लूँ,

दो घूट पिला दो,
गुलाबी शहद को,
इन होठों की लाली,
मेरे लब पर लगा दो।।
गौरव गुप्ता
महेश नगर, लालगंज रायबरेली।
7754828698

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