#Kavita by Gayaprasad Mourya , Rajat

दो घनाक्षरी

भारतीय खून कुलभूषण हमारा वीर,

कर षणयंत्र तूने जाल में फंसा दिया।

भारतीय शौर्य का न भान तुझे कुछ रहा,

जासूसी का ठप्पा मेरे वीर पै लगा दिया।

बार बार करता है थोथी थोथी बातें पाक,

कई बार ताला तेरे मुँह पै लगा दिया।

ढूंढता फिरेगा तुझे ठौर ना मिलेगा कहीं,

एक बार सेना को जो पाक में पठा दिया।

2-🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲

एक भी खरोंच यदि उसके वदन आई,

चीर देंगे सीना तेरा तुझको बता दिया।

सौ सौ भूल तूने किये भारत ने माफ किया,

जितना निभाना हुआ उतना निभा दिया।

एक और भूल तेरी ताबूती न कील बने,

धमकी नही है तुझे सच ये जता दिया।

झांक ले तू अपना गिरेबां पाक एक बार,

कातिल दिखेगा तुझे आईना दिखा दिया।

रजत-आगरा

 

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