#Kavita by Gopal Kaushal

बाल कविता

 

🔱 जय भोलेनाथ 🔱

 

बच्चों जानो तुम शिव आकार

जटा में सुशोभित चंद्र आकार ।

गले  में  नागराज  जी  बिराजे

जटा से निकली गंगा निर्मल धार ।।

 

डम – डम  डमरु  एक  हाथ में

चम-चमके त्रिशूल दूसरे हाथ में ।

मस्तक तिलक साजे त्रिनेत्रधारी

माँ गौरी के संग , बैठे कैलाश में ।।

 

हलाहल पीते ,गले में मुंडमाला

नंदी की सवारी संग पार्वती माँ ।

अंग भभूति लगे,चले ले बरात

शिवरात्री को बने दूल्हा भोला ।।

 

चढता इन्हें आक,भांग ,धतुरा

पुष्प चढे आरती उतारे कपूरा ।

बारह ज्योतिर्लिंग ज्योतिर्मयी

भोले हर काम करें शीघ्र पूरा ।।

 

गोपाल कौशल

नागदा जिला धार मध्यप्रदेश

99814-67300

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