#Kavita by Gopal Kaushal

मुस्कान 😉😆

 

सुखद अहसास है मुस्कान

शीतल   बयार है  मुस्कान ।

क्रोध  को करती  पराजित

प्रेम का इजहार है मुस्कान ।।

 

रिश्तों की महक है मुस्कान

खिलता  सुमन है  मुस्कान ।

भूल जाते तानों – बानों को

जब आती लबों पे मुस्कान ।।

 

ह्रदय अभिव्यक्ति है मुस्कान

आत्मिक स्वागत है मुस्कान ।

हर्षोल्लास का महासागर है

सीप का  मोती  है  मुस्कान ।।

 

गोपाल कौशल

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