#Kavita by Govind Vaid

 

—-गर्ववती सीता मैया —–

पार्वती जब सीता बन आदि  कवि आश्रम आई

रामचन्द्र ने गर्ववती सीता मैया को ठोकर लगाई

 

रोते बिलखते गर्ववती मैया  व्यथा अपनी बताई

राज्य के एक धोबी ने अपवित्र सीता जब बताई

 

मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने कूटनीति अपनी निभाई

व्यथित आदि प्रभु सहज भावुक हो ढांढस बंधाई

 

आश्रम में सीता मैया के लिए कुटिया अलग बनाई

जन्मे लव-कुश आश्रम में लाज रघुकुल की बचाई

 

त्रिकालदर्शी गुरु 14 हजार वर्ष पूर्व रामायण बनाई

भगवान वाल्मीकि महिमा  सीता जग में है तब गाई

 

पार्वती जब सीता बन आदि  कवि के आश्रम आई

रामचन्द्र ने गर्ववती सीता मैया को थी ठोकर लगाई

–  लेखक गोविंद वैद

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