#Kavita by Gyanendra Shukla Almora

रावण  के जलने का सुबूत कल पेश करेंगे,

तुम हंसना और हम लड़ेंगे,

लंका आज भी सोने की है

,विभीषण इसमें जिन्दा है,

सीता इसमें कैद हुई,

नींव आज शर्मिंदा है,

राम राज्य अब आने दो,

अयोध्या आज भी जिंदा है,

ईटों को मैंने भी  यहां राम बोलते देखा है,

लकड़ी की खड़ाऊं पर रहीम को टहलते देखा है,

हे राम तुम्हारी अयोध्या में झूठ अभी भी जिंदा है,

मन के अंदर का लंकेश भी आज शर्मिंदा है।।

 

@#ज्ञानेंद्र

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