#Kavita by Ishq Sharma

रूठ न तू यारा, आ लग जा गले..

शाम हो गई चल अब, पहाड़ों से चले..

देख लिया है हमने, आसमानों से जुड़के..

यार नही तो ज़िंदगी, किस काम की लड़के..

तो… यारों, चलो रूबरू होते मिलकर हम..

यारों, चलो हुबहू जीते मिलकर हम.. यारों,

ज़िंदगी यही-नही होती ख़तम.. यारों,

चलो आसमाँ से जुड़ते है हम… यारों,

चलो आसमाँ से जुड़ते है हम…

© इश्क़शर्माप्यारसे✍👁😘💕

 

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