#Kavita Jasveer Singh Haldhar

गीत -रात आधी
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रात आधी का बुरा इतिहास भी है ।
ऐक ऐसा दर्द मेरे पास भी है ।
जस्न आजादी बना था इक मुसीबत ।
खून से हमने अदा की नेक कीमत ।
दर्द से पहचान है वर्षों पुरानी ,
देश बटने का हमें अहसास भी है ।
रात आधी का बुरा इतिहास भी है ।।
रात काली थी बड़ा तूफान आया ।
कौम के सर पर चढ़ा था प्रेत साया ।
सत अहिंसा भूल बैठे राह अपनी ,
राजनैतिक मूल्य का परिहास भी है ।
रात आधी का बुरा इतिहास भी है ।।
हानि इससे और ज्यादा क्या करेंगे ।
वो फिरंगी नरक जा पानी भरेंगे।
लालची नेता न समझे चाल उनकी ,
वस्त्र खादी में छुपा कुछ हास भी है ।
रात आधी का बुरा इतिहास भी है ।।
एक हिस्सा भेँट बटवारे चढ़ा है ।
कुछ हमारे पास कुछ उनके पड़ा है ।
सात दसकों से सतत है जंग जारी ,
ताज “हलधर”देश का ये खास भी है ।
रात आधी बुरा इतिहास भी है ।।
हलधर -9897346173

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