#Kavita by Jasveer Singh Haldhar

बैसाखी याद दिलाती है
————————–
गुरु के प्यारे सरदारों की बैसाखी याद दिलाती है !
गुरु नानक उच्च विचारों की बैसाखी याद दिलाती है !!
गुरु अर्जुन जी की वाणी की हम जब भी बातें सुनते हैं ,
गुरु तेग बहादुर दानी की हम जब भी बातें सुनते हैं ,
गुरु गोविंद हठी जवानी की हम जब भी बातें सुनते हैं ,
गुरु बेटों की कुर्बानी की हम जब भी बातें सुनते हैं ,
रण में लहरी तलवारों की बैसाखी याद दिलाती है !
भीषणतम रन हुंकारों की बैसाखी याद दिलाती है !!1!!
ओरंगजेब हठ धर्मी को इतिहास हमें बतलाता है ,
मुगलों द्वारा बेसर्मी को इतिहास हमें बतलाता है ,
गुरुओं की सेवा कर्मी को इतिहास हमें बतलाता है ,
जाटों के लहू की गर्मी को इतिहास हमें बतलाता है ,
उन बेदर्दी दीवारों की बैसाखी याद दिलाती है !
गुर माता राज दुलारों की बैसाखी याद दिलाती है !!2!!
जालियावाले की गोली के हम जब भी किस्से सुनते हैं ,
डायर की खूनी होली के हम जब भी किस्से सुनते हैं ,
उस भगत सिंह की टोली के जब भी किस्से सुनते हैं ,
संसद में बम की बोली के हम जब भी किस्से सुनते हैं ,
उधम जैसे दिलदारों की बैसाखी याद दिलाती है !
सुख देव राज गुरु यारों की बैसाखी याद दिलाती है !!3!!
गुरु के प्यारों को भूल गए सत्ता हाथों में आते ही ,
वो अहंकार में झूल गए सत्ता हाथों में आते ही ,
गांधी गिरी में फूल गए सत्ता हाथों में आते ही ,
वो मजहब के स्कूल गए सत्ता हाथों में आते ही ,
सैंतालीस के बटबारों की बैसाखी याद दिलाती है !
सरहद पर चीख पुकारों की बैसाखी याद दिलाती है !!4!!
बटवारे का वो खूनी मंजर सरदारों ने देखा है ,
नानकसरजी को होता बंजर सरदारों ने देखा है ,
आतंकों का भी खूनी खंजर सरदारों ने देखा है ,
गुरु द्वारा होता खूनी पिंजर सरदारों ने देखा है ,
आतंकों के अंगारों की बैसाखी याद दिलाती है !
मानवता के हत्यारों की बैसाखी याद दिलाती है !!5!!
इतना ये सब कुछ होने पर भी हिम्मत कौम नहीं हारी ,
दंगों में सब कुछ खोने पर भी हिम्मत कौम नहीं हारी ,
नस नस में नसा चुभोने पर भी हिम्मत कौम नहीं हारी ,
घायल बच्चों के रोने पर भी हिम्मत कौम नहीं हारी ,
सिक्खों में हुए सुधारों की बैसाखी याद दिलाती है !
गुरु वाणी लिखे विचारों की बैसाखी याद दिलाती है !!6!!
सिख वीरों ने हर जंग लड़ी है भारत माँ की सेवा में ,
सीमा पर अब भी फौज खड़ी है भारत माँ की सेवा में ,
वीरों की गाथा भरी पड़ी है भारत माँ की सेवा में ,
हर मौके पर यह कौम अड़ी है भारत माँ की सेवा में ,
गुरु गोविंद के जयकारों की की बैसाखी याद दिलाती है !
हलधर “को गुरु उपकारों की बैसाखी याद दिलाती है !!7!!
हलधर -9897346173

Leave a Reply

Your email address will not be published.