#Kavita By Jasveer Singh Haldhar

गीत -महबूबा का मोह छोड़ दो
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महबूबा का मोह छोड़ दो ,
दिल्ली के सुल्तान ।
चट्टानों की ओर मोड़ दो ,
सेना का अभियान ।।
पत्थर बाजों को समझाओ ।
ना समझें तो आग लगाओ ।
सीधी गोली सिर में मारो ,
थमे तभी तूफान ।
महबूबा का मोह छोड़ दो ,
दिल्ली के सुल्तान ।।1
लावा देखो उबल रहा है ।
वीर हमारे निगल रहा है ।
खोज खोज मारो आतंकी,
पाक बने शमशान ।
महबूबा का मोह छोड़ दो ,
दिल्ली के सुल्तान ।।2
अति संयम भी कायरता है ।
युद्ध शांति का मग भरता है ।
दंत हीन विषधर से बोलो ,
डरा कभी शैतान ।
महबूबा का मोह छोड़ दो ,
दिल्ली के सुल्तान ।।3
बच पाय ना कोई कमीना ।
छलनी कर दो उसका सीना ।
पी ओ के में भी लहरा दो ,
हलधर “देश निशान ।
महबूबा का मोह छोड़ दो ,
दिल्ली के सुल्तान ।।4
हलधर -9897346173

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