#Kavita by Jasveer Singh Haldhar

गीत -अमर जवान

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आग का जो राग गाता फौज का योद्धा सिपाही !

जाग कर हमको सुलाता ओज की देता गवाही !!

खून से लत पत हुआ पर आग सरहद की बुझाता ,

लक्ष्य भेदन के लिये वो मौत से कंधा मिलाता ,

सजग सीमा पर खड़ा है ना लि झपकी ना जवाही !

आग का जो राग गाता फौज का योद्धा सिपाही !!1

छोड के वो नींद प्यारी चैन दुश्मन का उड़ाता ,

भारती के शत्रुओं को मौत का दर्शन कराता ,

बर्फ के तूफान हों या आंधियों की आवजाही !

आग का जो राग गाता फौज का योद्धा सिपाही !!2

चोट खाकर ना थका है जीत पाकर ही रुका है ,

कट गया बेसक समर में शीश उसका ना झुका है ,

रक्त रंजित पथ हमेशा साथ दुश्मन की तवाही !

आग का जो राग गाता फौज का योद्धा सिपाही !!3

शैल की चोटी खड़ा है तान सीना वो अकड़के ,

आग के शोले गिरें या दामिनी आकाश तड़के ,

सावधानी से लड़ा है ना  कभी बरती कुताही !

आग का जो राग गाता फौज का योद्धा सिपाही !!4

फौज के बिन ऐक दिन भी ना चलीं अब तक रियासत ,

गीत “हलधर “ने लिखा तब  भूल कर सारी सियासत ,

देश हित में रोज मरता  चाहता  ना वाहवाही !

आग का जो राग गाता फौज का योद्धा सिपाही !!5

हलधर -9897346173

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