#Kavita by Jasveer Singh Haldhar

छंद – माँ सरस्वती

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कंठ में निवास कर ,बुद्धि का विकास कर ,

वीणा पाणी काव्य का अभय दान दीजिये ।

पिंगल सा ज्ञान देके ,भाव रस दान  देके ,

मात शारदे मेरी वाणी को मान दीजिये ।

दया भाव दृष्टि भरो ,अपनी सुदृष्टि धरो ,

राष्ट्र की आराधना का वरदान दीजिये ।

कुमति विनाशनी माँ, सुमति सुहासिनी माँ,

कविता निर्माण का सही विधान दीजिये ।

हलधर-9897346173

 

 

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