#Kavita by Jyoti Mishra

..दूरियां

 

 

फासले लाख सही

तू उस पार सही

मैं इस पार सही

मेरे दिल की धड़कन

तेरे दिल तक पहुंचे

तू किसी के साथ सही

मैं किसी के साथ सही …..

 

पास रहते हैं बहुत लोग

मगर पास नहीं

जिस्म है साथ पर

प्यार का अहसास नहीं

साथ रहते हैं

साथ जीते तो नहीं

हैं कहीं  और तो दिल

धड़कता है और कहीं ….

दूरियां जिस्म की नहीं होतीं यारा

बात रूहानी हो तो

रिश्ता लगता है प्यारा

दूर आसमां से कितनी

नजर आती है जमीं

ऑखं  खोले तो बस

नजर  आता है वही ….!

 

ज्योति मिश्रा

 

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