#Kavita by Jyoti Mishra

चोरी

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चोरी -चोरी नजरों का मिलना

चोरी -चोरी दिल में उतरना

चोरी -चोरी तुझको चुराना

चोरी से फिर  आजमाना …

मिलने का ढूंढे बहाना

चोरी न जाने जमाना

मुश्किल है सबसे छुपाना

होठों पे ताले मगर

सब कह डालें नजऱ.

हो जाए सबको खबर

चोरी की मिलती सजा

मिल जाए उसकी रजा

चोरी में भी है मजा…….!   ज्योति मिश्रा

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