#Kavita by Jyoti Mishra.

* इल्जाम *

 

 

तोड़ा -मरोड़ा

सत्य  को नहीं छोड़ा

हृदय तोड़ा

 

हो असहाय

खून के ऑसू बहे

नहीं उपाय

 

दर्द निचोड़ा

कलम में डुबोया

अक्षर जोड़ा

 

लिखी कविता

समेटे अहसास

बही सरिता

 

न हो दोबारा

किसी पर विश्वास

टूटे जो आश

 

मीठा जहऱ

न कर  एतबार

ढाए कहर

 

पथ दुर्गम

कंटीले चाहे रास्ते

अकेला चल …..!! ज्योति मिश्रा🔥

 

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