#Kavita by Kamlesh Joshi

चुनावी हलचल

बातो मे मिठास घोल वो लोग फिर आएंगे
तुमको अपना बोल वो लोग फिर आएंगे

महंगी गाडियां कपडे लाव लश्कर लेकर
शब्दों को तोल-तोल,वो लोग फिर आएंगे

मंदिर मस्जिद से उनकी कहीं श्रद्धा नहीं
वोटों का है मोल ,वो लोग फिर आएंगे

वादे लतीफें कसीदे कसते मटकते हुए
अपनी जुबान खोल ,वो लोग फिर आएंगे

दूर किसी मंच पे हाथ उठा अपना कहेंगे
मामला सब गोल-मोल, वो लोग फिर आएंगे

श्वेत रंग में रंग कौआ कभी हंस न बना
रंगो मे है जोल-मोल, वो लोग फिर आएंगे

तकलीफ तेरी तकदीर बन कर रहेगी
उनका क्या मोल वो लोग फिर आएंगे

रैली भाषण संबोधन सब चुनाव से
इधर उधर डोल-वोल, वो लोग फिर आएंगे

चलेगा दौर आरोपों प्रत्यारोंपो का फिर
अपना सब गोल मोल,वो लोग फिर आएंगे

……कमलेश जोशी कांकरोली राजसमंद….

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