#Kavita by Karan Sahar

कोई ख़ामोश रहता है, तो कोई बोल देता है,

कोई अपनी वफ़ा को आशिक़ी से तोल देता है ।

 

किसी के हाथ में रिश्ते बड़े महफूज़ रहते हैं,

तो कोई बेवजह रिश्तों की डोरी खोल देता है ।।

 

सारे मुल्क में मिलकीयतें भी उस की होती हैं,

जो अपने दिल को भी दिल्ली सा माहौल देता है ।।

 

मैं जब मायूस रहता हूँ तो बादल मुस्कुराते हैं,

मैं गर खामोश रहता हूँ तो चंदा बोल देता है ।।

 

#करन_सहर

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