#Kavita by Karan Sahar

मुझे मालूम है

तुम फिर से चली आओगी

और मैं तुम्हें

फिर से रूठने पर मजबूर कर दूंगा,

मुझे मालूम है

मैं इतना बुरा हो गया हूँ कि

तुम्हें फिर से टूटने पर मजबूर कर दूंगा।

 

सहर

 

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