#Kavita by Kavi Nadeem Khan

मोदीजी के अच्छे दिन याद रहे सन 57 का जमाना भूल गए
दिखाते थे आँखे दुश्मन को हम वो आँखे दिखाना भूल गए
दम ब दम हिम्मत बढ़ रही है नक्सलियों पत्थरबाजों आतंकियों की
सन 47 की तरह हम दुश्मन को जड़ से मिटाना भूल गए
नाक में दम करके रखा है हिन्द की उन दहशतगर्दों ने
दहशतगर्दी याद रह गयी सारे अच्छा का तराना भूल गए
कारगिल जैसी जंग करके उनको मुंहतोड़ जवाब दे दो मोदीजी
आपकी चुप्पी से लगता है हम अपनी चीजों पर हक जताना भूल गए
आज के इस लालची जग में हम भी ऐसे ही हो गए
हम आजाद,भगत और बिस्मिल की रीत को निभाना भूल गए
आह्वान है नदीम का चलो दुश्मन को सबक सिखाये हम
या फिर ये कदम भी हम दुश्मन के खिलाफ उठाना भूल गए
BY:Kavi Nadeem Khan

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