#Kavita by Kavi Nilesh

मैं फेल हुआ, मैं फेल हुआ

मैं फिर से परिक्षा फेल हुआ

 

कैसे दिन देखो आए हैं

सब नम्बर पूछ चिढ़ाते हैं

2nd Division वाले अब

अब रसगुल्ला खा के जाते हैं ।

5 लाइक वाले भी देखो

फेसबुक पर छाए हैं

बेसुरे राग वालों को देखो

झूमे, नाचे, गाए हैं।

लगता देखा जैसे अबकि

डूबा शोक शहर में

कूटा-कूटी खूब चला है

अबकि मेरे घर में

देखो मोटा ताऊ भी

धुआँधार  अब गेल हुआ ।

 

मैं फेल हुआ, मैं फेल हुआ

मैं फिर से परिक्षा फेल हुआ।

 

कवि निलेश

7050772529

261 Total Views 3 Views Today

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Whatspp dwara kavita bhejne ke liye yahan click karein.