#Kavita by Kavi Rajesh Purohit

चतुष्पदी

 

आरक्षण की आग

आरक्षण की आग में जातियां झुलस रही

बंद,हड़ताल,प्रदर्शन,से जनता तरस रही

भारत की एकता अखंडता कैसे रहे अब

जाति,धर्म के झगड़ो में लाठियां बरस रही

 

इंटरनेट युग

जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया देखिये

आरक्षण की मांग में देश व्यस्त हो गया

फुरसत नहीं है लोगों को बात करने की

इंटरनेट के युग में इंसान मस्त हो गया

 

बाबाओं पर लगा शनि

देश में बाबा रोज़ गलत काम कर रहे

अखबारों में रोज़ ही कारनामें छप रहे

लगता है इन बाबाओं को शनि लगा है

मुखपृष्ठ अखबारों के रोज़ ये भर रहे

 

चुनाव का मौसम

लो आ गया फिर चुनाव का मौसम

नेता का जनता से मिलने का मौसम

झूंठे वादे व प्रलोभन देने का मौसम

साड़ी कम्बल बांटने का आया मौसम

 

कवि राजेश पुरोहित

९८,पुरोहित कुटी

श्री राम कॉलोनी

भवानीमंडी(राजस्थान)

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