#Kavita by Kavi Rajesh Purohit

: अदम्य साहस

 

 

प्रखर तेज दयानंद सा

 

अब युवाओं में कहाँ है

 

देश से कुप्रथा मिटाने का

 

अदम्य साहस कहाँ है

 

सत्यार्थ प्रकाश है जहाँ

 

अब वहाँ प्रकाश कहाँ है

 

कर्मकांड व्यर्थ सारे ही

 

धर्मभीरु सारे कहाँ है

 

ओम केवल एक ब्रह्म

 

बताने वाला कहाँ है

 

वेद चारों रट लेते जहाँ

 

ऐसा वेदांगी कहाँ है

 

आर्य समाजी परचम

 

लहराने वाले कौन है

 

धर्म ध्वजा एक हो

 

फहराने वाला कौन है

 

कवि राजेश पुरोहित

 

श्रीराम कॉलोनी

 

भवानीमंडी

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