#Kavita by Kavi Sharad Ajmera Vakil

बनाना विश्वगुरू भारत को नव ओज प्राप्त करें ।
दूसरों की ताल पर देश हमारा नाचना बंद करें ।
हे वीर उठो करो पुरूषार्थ ना सोओ चादर तान ।
जागो जागो हे युवा तुम भारत के हो नर महान ।।

मानव मानव के हेतू सजा रहा संहार के नये साज ।
जग ज्वाला सुलगाने को बड़ रहा नित असुर राज ।
धरा के तिमिर को मिटाने उजाले का करो आव्हान ।
जागो जागो हे युवा तुम भारत के नर हो महान ।।

है निहित शक्ति सारी तुममे तुम बनो युग प्रधान ।
किस विरह वेदना से ग्रसित करते रूदाली का गान ।।
भारत माता के पद में बेड़ियां झनझना रही तान ।
जागो जागो हे युवा तुम भारत के नर हो महान ।।

जग भूल रहा कर्तव्य कर्म छा रहा है अनाचार ।
हो रहा जग में विकट खेल बड़ रहा है भर्ष्टाचार ।।
प्रबल ओज भरके अपने में करो तुम शत्रु संधान ।
जागो जागो हे युवा तुम भारत के नर हो महान ।।

**””वकील””*

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