#Kavita by Kavi Sharad Ajmera Vakil

बेटी तो बेटी है ……हिंदू मुस्लिम में मत बांटो तुम.

बेटी की अस्मत पर वोटों की फसल मत काटो  तुम..

मन के घर आंगन में बना लो देश भक्ति का एक रास्ता.

रूको तुम्हें तुम्हारे ………..भारत वतन का है वास्ता..

 

क्यों आज हमारे वतन का अंतर है इतना सूना सूना.

आओ हम सब मिल बड़ायें  इसका वैभव दूना दूना.

मत होने दो भारत वतन की हालात तुम और खस्ता.

रूको तुम्हें तुम्हारे ………..भारत वतन का है वास्ता..

 

जाति धर्म छोड़ कर करें हर चुनोती से हम दो दो हाथ .

पार करेंगे हर मुश्किल सागर में भी बनायेंगें हम राहें .

तुफानों में दीपक जलाने वाली है भारतीयों की दास्तां

रूको तुम्हें तुम्हारे ………..भारत वतन का है वास्ता..

 

कवि शरद अजमेरा “”वकील””

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