#Kavita by Kavi Yashvant Patidar

मेरे गहने धन प्यार है मेरे यार।
मेरी सांसे मेरी आंहे है मेरे यार।
पढ़ जाये फीका सोना भी ।
ऐसे चमकदार है मेरे यार।।1।।

माँ लक्ष्मी की होती है कृपा जिनसे।
ऐसे जेबो के सरदार है मेरे यार।
गणेश जी का आशीष मिलता है।
रिद्धि सिद्धि के हकदार है मेरे यार।।2।।

पावन पुनीत की गाथा है जिनकी।
दिलो पर राज वाले राजा है मेरे यार।
जिनसे बनती है धन की वर्षा अपार ।
ऐसे दिलदार असरदार है मेरे यार।।3।।

कवि यशवंत पाटीदार मंदसौर

Leave a Reply

Your email address will not be published.