#Kavita by Kewal Krishan Pathak

युग का निर्माण
-डा.केवलकृष्ण पाठक
जीवन को नियमित बना कर,नवयुग का निर्माण करें,
हृदये से सब की सेवा कर,राष्ट्र-चेतना का ही व्रत्त लें 1
जियें स्वयं भी प्रसन्ता से , और सभी को जीने दें,
करें बुरा ना कभी किसी का ,बुरा करे जो तो दंड दें 1
जाती-पति और शहरी गांव का,भेद सदा को मिट जाये,
रिश्वतखोरी, चोरबाजारी का सब मिलकर अंत करें 

आओ आज मनाएं होली
-डा.केवलकृष्ण पाठक
सद्भाव की पिचकारी में पुष्प -प्राग-मकरंद डालकर
हो जाये प्रगाढ़ मित्रता,मधुर प्रेममय रंग डाल कर
प्रेम तरंग में सराबोर हो,लाल गुलाल कमल सा कर दूँ
गले मिलें अनुरागयुक्त हो,मोद प्रमोद की झोलियाँ भर दूँ
जीवन के संयोगपूर्ण क्षण,हंसी ख़ुशी भरपूर ठिठोली
भेदभाव तनाव भूल कर,आओ आज मनाएं होली
-संपादक रवींद्र ज्योति मासिक ,343/19,आनंद निवास ,
गीता कालोनी ,जींद 126102 (हरियाणा ) मोब .9416389481

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