#Kavita by Kishor Chhipeshwar Sagar

प्यार करते है…..

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आ रहा नया वर्ष

स्वागत सत्कार करते है

नफरते मिटाकर आवो

प्यार करते है

 

नए करते आयाम खड़े

चलो खुद को तैयार करते है

मेहनत करते जीत पर

अपना अधिकार करते है

 

फासलें मिटाकर सारे

एक दूजे पर ऐतबार करते है

बुनें सपने नए और

साकार करते है

 

तेरा मेरा इसका उसका भूलकर

अपनेपन को आधार करते है

हुई जो कोई भूल तो

स्वीकार करते है

 

मिलजुल रहे बुनियाद मजबूत

फिर कोई नया

आविष्कार करते है

बनी रहे एकता

एकजुट हम रहे

ऐसा कोई चमत्कार करते है

-किशोर छिपेश्वर”सागर”

भटेरा चौकी बालाघाट

(मध्य-प्रदेश)

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