#Kavita by Krishan Kumar Saini

14 नवंबर बाल दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।

मुक्त कविता~बचपन

आज मुझे याद आ रहा है
बचपन मेरा।
काश ! वह बचपन
वापस लौट आए।
याद आ रहा है;
स्कूल जाना, घूमना-फिरना,
दोस्तों के साथ खेलना,
शरारत करना,
झुंड बनाकर रहना ।
मन कर रहा है फिर से
बच्चा बन कर बचपन की
यादों को ताजा कर लूँ।
मां की गोद,पिता के कंधो
पर जी भर के खेलूं।
याद आ रही है दादी,
नानी की कहानी।
वह बचपन बड़ा प्यारा था,
कोई जिम्मेदारी न थी निभानी।
पर आज जिंदगी बोझ लग रही है,
मुझको बचपन की याद आ रही है।
आ जा लौट अा……लौट आ……
मधुर बचपन मेरे
……मधुर बचपन मेरे ।।

कृष्ण कुमार सैनी”राज दौसा,राजस्थान मोबाइल~97855~23855

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