#Kavita by Kshitij Bawane

°°°चलते रहना होगा….!°°°

रास्ते टेढ़े-मेढ़े सही

उनपर चलते रहना होगा|

मौसम ठंडे-गर्म सही

उनमें ढलते रहना होगा!

 

कोई कहे कडवा कितना ही

उसे अनसुना करना होगा|

कोई रोके-टोके कितना ही

आगे बढ़ते रहना होगा!

 

दो-चार ही सही लेकिन

कदम मिलाकर चलना होगा|

हार तय लग रही हो लेकिन

जान लगाकर लड़ना होगा!

 

नया सूरज निकले ना सही

जिगर में शोला जलाना होगा|

एक बार ही सही लेकिन

चिंगारी को भड़काना होगा!

 

गिर जाएं सौ-सौ बार सही

एक बार फिर से उठना होगा|

जीत हर बार मिले ना मिले

अपना नजरिया बदलना होगा!

 

हर दफा अकेले ही सही लेकिन

सही दिशा में चलना होगा|

एक सपना टूट जाए भी तो

फिर एक सपना देखना होगा!

©क्षितिज बावने

 

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