#Kavita by Kshitij Bawane

°°°मंजिल°°°

तेरी मंजिल तेरे सामने है,

तू बस दो कदम और चल दे|

हिम्मत रख,भरोसा रख

तू बस दो कदम और चल दे

फिर देख क्या पयेगा तू,

फिर देख क्या बन जायेगा तू!

 

सपने सभी सच होंगे तेरे

तू बस रुकने की बात ना कर|

मेहनत कर,काबिल बन

तू बस रुकने की बात ना कर

फिर देख क्या पयेगा तू,

फिर देख क्या बन जायेगा तू!

 

मंजिल अब ज्यादा दूर नहीं

तू बस एक कोशिश और कर|

उम्मीद रख,विश्वास रख

तू बस एक कोशिश और कर

फिर देख क्या पयेगा तू,

फिर देख क्या बन जायेगा तू!

 

हर मुश्किल आसान होगी

तू बस अपनी जान लगा दे|

हार ना मान,आगे बढ़

तू बस अपनी जान लगा दे

फिर देख क्या पयेगा तू,

फिर देख क्या बन जायेगा तू!

 

जीत हर बार मिले ना सही

तू बस खुद से हार मत|

लगन लगा,जुनून जगा

तू बस खुद से हार मत

फिर देख क्या पयेगा तू,

फिर देख क्या बन जायेगा तू!

©क्षितिज बावने

 

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