#Kavita by Kumari Archana

” ओ मेरे प्रियतम प्यारे”

 

ओ मेरे प्रियतम प्यारे

समर्पण है तुझपर

अब मैं अर्पण हूँ !

 

मैं चाहती हूँ कि तुम

हर- पल,पल- पल

तुम मेरे पास रहो

इसलिए तुम फूल बनो जाओ

मैं मालिन !

तुम फसाल बन जाओ

मैं किसानी !

तुम मालिक बन जाओ

मैं दासिन !

तुम घर बन जाओ

मैं पहरेदारिन !

तुम भगवान बन जाओ

मैं भक्तिन

तुम शरीर बन जाओ

मैं आत्मा !

कुमारी अर्चना

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