#Kavita by Kunwar Shyamveer Singh Parmar

तेरी मोहब्बत

में तेरी मोहब्बत को,अब कैसे भुला दूँ रे।

तूने मुझे चाहा था, ये कैसे भुला दूँ रे।

तू मेरी अपनी थी,में तेरा अपना था।

तेरे संग जीना था,तेरे संग मरना था।

 

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