#Kavita by Lal Bihari Lal ( Lal Kal Manch)

गीत-दिल्लीकी हवा खराब

गीतकार- लालबिहारी लाल

दिल्ली की हवा खराबहुई,दिल्ली की हवा खराब

पी.एम.,सी.एम सब हांफे,जनता का हाल खराब

दिल्ली की हवा खराबहुई,दिल्ली…..

कभी थी हरियाली फैली दिल्लीके चारो ओर

अब कंक्रीट फैल गया है संगमें धुंआ औ शोर

शासन और राशन के आगे,जनता हुईबर्बाद

दिल्ली की हवा खराबहुई,दिल्ली…..

सड़को पे गाड़ी का देखोंउमड़ा है खूब सैलाब

चूहा बिल्ली के खेल मेंदेखो,नेता हुए नबाब

निश दिन आबादी यहां पर औरहुई आबाद

दिल्ली की हवा खराबहुई,दिल्ली…..

कल कारखाने खुल रहें अबदेखो गली-गली

इसके असर से दुखी है नानकसंग राम अली

न जाने दिन कैसे कटे औऱकैसे हो गई शाम

दिल्ली की हवा खराबहुई,दिल्ली…..

धरा बचा लो देश बचा लो औऱबचा लो दिल्ली

पेड़ लगा लो लाल बचा लो और बचा लोलिली

नदियाँ सारी सुख रही और सुख रहे तालाब

दिल्ली की हवा खराबहुई,दिल्ली…..

सचिव –लाल कलामंच, नई दिल्ली

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