#Kavita by Laxmi Tiwari

नये वर्ष के शुभ अवसर पर खुशियाँ तुमको अम्बार मिले ,

गम होता क्या है भूल जाओ खुशियों के इतने कमल खिले ।

जो सपने देखी हो आँखो ने इस साल वो सारे पूरे हो ,

वो काम भी पूरे होंगे जो पिछले सालो तक अधूरे हो ॥

नई स्फ्रूति की किरण के लिए हर दिन सूरज ऐसा निकले ।

गम_________________________________________________________________

मन का हो तो अच्छा है  ना हो तो और भी अच्छा है ।

यह कोई नही मिला कोई बात नही आगे आगे ही कठिन परीक्षा है ।

जीवन में कितने पल छोड़े ?

हर पल में इक जीवन जी ले

गम__________________________________________________________________

तुम इतना मेहनत रोज करो कि मंजिल तुमको पास लगे

यह अथक परिश्रम देख-देख इनकी सुलगे- उनकी सुलगे बस यही कामना लिये हुए तुम लोगो से हम यहाँ मिले

गम__________________________________________________________________

जो आस लगाये बैठे है तुम उनके आस नही बनना ,

हर कर दुःख दर्द उन्ही सबका पर उनके दास नही बनना ॥

गम__________________________________________________________________|

नये___________________________________________________________________

                                                                                                       रचना Er Laxmi Tiwari

4 thoughts on “#Kavita by Laxmi Tiwari

  • March 15, 2018 at 11:21 am
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    Wow! Bahut achchi kavita ki rachna ki hai aapne …preranadayak hai padhkar sukhad anubhav ki anubhuti hui dhanyawad

  • March 27, 2018 at 12:30 pm
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    Motivational.. great..

  • March 31, 2018 at 12:48 pm
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    Thank you so much for appereciating me…

  • July 22, 2018 at 5:14 pm
    Permalink

    बहुत उत्तम कविता है आपकी

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