#Kavita By Mahesh Bohara Aman

होली मस्तानी आयी रे ।

खुशियों के रंग रंगने ,
होली मस्तानी आयी रे ।

सब के ही चेहरों पर ,
होली जवानी लायी रे ।।

मस्ती में झूम झूम ,
खुशियों को चूम चूम ।

जीवन में सुख भारती ,
होली सुहानी आई रे ।।

नीला, पीला और लाल ,
कुमकुम उड़े गुलाल ।

गोरी के गालों पर ,
होली दीवानी छायी रे ।।

मन में मौज-मस्ती है ,
रंगी रंगी बस्ती है ।

धरती पर खुशियां की ,
चुनरी ये धानी छाई रे ।

फागुन की फाग, गीत ,
मिल जाए बिछुड़े मीत ।

दिल से दिल मिले सभी के ,
होली रवानी भाई रे ।।

आपस का बेर भूल ,
अपवाह को ना दें तूल ।

जीवन ये दो पल का ,
होली निराली आयी रे ।।

कुमकुम और रोली के ,
प्रेम धागे मोली के ।

प्रीत सब दिलों में भरने ,
होली नादानी पायी रे ।।
मुकेश बोहरा अमन
गीतकार
बाड़मेर राजस्थान
8104123345

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