#Kavita by Mainudeen Kohri

पर्यावरण  दिवस पर पेड़ रो महत्व दरसावती म्हारी एक कविता :—

 

”    काळू  दादै  रो  पेड़  ”

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ओ ‘  पेड़

ओ”  पेड़ , घणों  धीर – गम्भीर है

घणों  जूनो

न  जाणै  नैं कित्ती  पीढ़ययां नैं

आप री छतर – छाया  में

पाळ्या – पोख्य्या है

इय्यै  पेड़  पर

न  जाणै  कित्ता  पंख  –  पंखेरू

आपरा , आसरा  बणाया  है

पक्षययां  रां  मंगळ  गीत

इय्यै  पेड़  पर  गाइज्य्या  है

इय्यै  पेड़  रा

फळ – फूल – पत्ता  अर्  डाळा

सगळै  गांव  रै  मिनखां  अर्

जीव –  जिनावरां रै सुख – दुःख में

काम  आया  है

इय्यै  पेड़  री  छाया में

आया – गया अर्  बटाऊ

विश्राम करय्या करता

सगळै  गांव  रा  टाबर

इय्यै  पेड़  माथै

उक्कड़ – धुक्कड़  खेल्या करता

रमण – खेलण – कुदण

ओ ‘ पेड़

गांव री नाक हो

ओ ‘ काळू  दादै  रो  पेड़

दूर – दूर रै

गांव -गोठां  तक

आप  री  ओळखाण सूं

जाणीजतो

ओ ‘पेड़

पर्यावरण री  दीठ सूं

आपरो घणों

महतब राखै  ।

 

मईनुदीन कोहरी “नाचीज़ बीकानेरी” मो.9680868028

 

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