#Kavita by Mainudeen Kohri

मेरे पापा
बड़े लाड – प्यार से मुझको पाला ।
मेरे अच्छे पापा, मेरे व् प्यारे पापा ।।

छोटा था , पर मै भी तो नटखट था ।
ऊँगली पकड़ आपने चलना सिखाया पापा ।।

स्कुल- अस्पताल -मेले तक भी आप ।
कन्धों पर बिठा अपने ले जाते पापा ।।

पढ़ा – लिखा कर मुझे इन्सान बनाया ।
पेट काट अपने मुहँ का निवाला दिया पापा ।।

मुझे पैरों पर खड़ा क्र लायक बनाया ।
नही चाह रखी कभी भी आपने पापा ।।

मेरा घर – परिवार सब कुछ आपने बसाया ।
आपके आशीर्वाद से ही सब कुछ हूँ मैं पापा ।।

मैं कितना बदनसीब हूँ इस जहाँ में पापा ।
तीन दशकों से आप का साथ नहीं है पापा ।।

वर्षो के वर्ष बीत जाने के बाद भी आप ।
मेरे घर पर साये की तरहां रहते हो पापा ।।

” नाचीज़ ” के सुख – दुःख में वक़्त – बेवक़्त
रहबर बन कर मुझे राह दिखाते हो पापा ।।

मईनुदीन कोहरी “नाचीज़ बीकानेरी”
मो. 9680868028

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