#Kavita by Mainudeen Kohri

कल  की  बात
करना  छोड़ो
आज  के  साथ
कदम मिलाकर दौड़ो  ।

कल  ,  कल  था
आज , आज  है
कल  से  सीखो
आज  को  जीवो   ।

कल  कहाँ  थे
आज  यहाँ  हैं
आज व् कल के बीच
कल व् आज का अंतर है   ।

आज के पीछे  कल
कल  के आगे  आज
कल  कभी  आगे
कल  कभी  पीछे  ।

कल कभी नही  आता
फिर  भी कल आता भी
कल जाता भी   है
पर ,  कल  के भरोसे न रहें  ।

मईनुदीन कोहरी “नाचीज़ बीकानेरी ”
मोहल्ला कोहरियान् ,बीकानेर राजस्थान
मो.9680868028

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