#Kavita by Mainudeen Kohri

बाल दिवस
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आओ बच्चों आओ
खेलें कूदें नाचे गाएं
हम सब मिल कर
चाचा का जन्म मनाऐं ।

चिड़िया घर की सैर करें
सब मिल मौज मनाऐं
झूला झूलें दौड़ लगाएं
ताजा ताजा फल खाएं ।

पिंजड़े में शेर दहाड़े
चालाक लोमड़ी चक्कर लगाए
बन्दर मामा उछले -कूदे
लँगूर बैठा पूँछ हिलाए ।

झबरिले काले बालों वाले
नाचे भालू भोले – भाले
कंगारु ,चीतल चीते यहॉं
हिरण -जिराफ सबको भाए ।

आओ देखो -आओ देखो
बगुले कैसे पानी पीए
दरियाई घोड़े मछली रानी
कछुए -मगरमच्छ पानी में जीए ।

रंग – बिरंगी सुनहरी चिड़िया
चीं-चीं-चीं पिंजड़े में शोर मचाए
कोयल- मैना- बुलबुल देखो
मोर देखो नाच दिखाए ।

कौआ-तीतर-बटेर शोर मचाए
पेड़ पर बैठा तोता आम खाए
घने पेड़ों की छाया सुन्दर
मीठी – मीठी कोयल गाए ।

आओ खेले बाग़ – बगीचों में
फूल खिले जहाँ रंग – बिरंगे
चाचा नेहरू को प्यारे लगते
गुलाब- फूल सदा मन को भाए ।

सदा रहे हम बच्चे शाद
बाल दिवस पर नाचे – गाएं
चाचा नेहरू बच्चों के प्यारे
बाल दिवस पर जशन् मनाएं ।

नाचीज़ बीकानेरी मो9680868028

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