#Kavita by Mainudeen Kohri

बड़े  शहर
बड़े शहर की बड़ी बड़ी बातें
डरावने दिन रंगीन है रातें
बड़े शहर के बड़े बड़े आदमी
तंग दिल लोग रखते है घातें
बड़े बड़े बंगले दिल के कंगले
गरीबों को तो मिले फूटपातें
आदमी  की क़द्र यहाँ न होती
मगर कुते यहाँ पकवान खातै
बड़े शहरों के आदर्शवादी लोग
काले धंधे रखते नकली खाते
क्या क्या होता बड़े शहरो में
हर बुराई प्रदुषण को फेलाते .

मईंनुदीन कोहरी नाचीज़ बीकानेरी
मो 9680868028

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